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Brihat Grah Vastu Sanhita Vol 1 And 2

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Brihat Grah Vastu Sanhita Vol 1 And 2

Description

आधुनिक काल में वास्तु की शाखाएं वैश्विक स्तर पर उदित हुई हैं। अब अधिकांश लोग अपने स्थान को वास्तु विशेषज्ञ को दिखाने में रुचि रखते हैं ताकि वे अपने घर, भवन अथवा व्यावसायिक स्थल का मूल्यांकन वास्तु के  लिहाज से कर सकें। सचमुच में वास्तु शास्त्र ने मानव जीवन को पंचतत्वों यथा भूमि, जल, अग्नि, वायु एवं आकाश को सहायता से काफी सार्थक बना दिया है। यद्यपि कि सभ्य मानव को इसके उपयोगी पहलुओं में ताक-झांक करने का अधिक दिमाग नहीं रहा है किंतु सदियों से यह विकसित होता रहा है तथा इसका उद्देश्य मानव जीवन को बेहतर बनाना है जिससे कि वे बेहतर स्थान में शांति एवं समृद्धि के साथ जीवन-यापन कर सकें। प्राचीन विज्ञान को आधुनिक पीढ़ी के अनुकूल बनाया गया है। इस ब्रह्मांड में आज तक कुछ भी ऐसा प्रकट नहीं हुआ है या न होगा जिसमें इन पंचतत्वों भूमि, जल, अग्नि, वायु एवं आकाश का समावेश न हो। इनमें से पहले तीन जीवन को स्वर्ग बनाने के लिए सबसे अधिक आवश्यक हैं। यदि इनका क्रम बिगड़ जाय

तो जीवन नरक बन जाएगा। वास्तु के अनुरूप अच्छे परिणाम क लिए हमेशा  आयताकार अथवा वर्गाकार भूखंड का चयन करें तथा गृह निर्माण वास्तु शास्त्र के सिद्धांतों के अनुरूप करें। सबसे बेहतर तो यह है कि भूखंड का चयन करने के पूर्व किसी वास्तु विशेषज्ञ को सलाह लें तथा उनके परामर्श के . अनुसार ही भूखंड का चयन कर गृह निर्माण करें जिसमें कि यदि आवश्यक . जो तो एक गार्डन भी रहे।


Specifications

Product Info
Author Dr Manoj Kumar
Language Hindi
Product SKU: KAB1860
₹464.00
₹580.00