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Kaal Sarp Yog - Itna Bhay kyon (Hindi) by KN Rao

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Kaal Sarp Yog - Itna Bhay kyon (Hindi) by KN Rao

Description

 

काल सर्प योग (इतना भय क्यों ?)


दुर्भाग्य से हमेशा कुछ ऐसे महान सनकी लोग रहेंगे गो अर्थ का अनर्थ करके मानव जाति को लाभ पहुंचाने वाले ज्योतिष विज्ञानं का अपने लाभ के लिए दुरूपयोग करेंगे I यह पुस्तक ऐसे विचार के लोगो की प्रतिकारक है I इसमें आत्मरक्षा के  उपाय तथा आत्मिक विधा को दुरूपयोग करने वाले चरित्र शून्य लोगो को काबू करने के तरीके बताये गये है I

 

प्राणिक हीलिंग के महान पुजारी ने ज्योतिष और विशेषकर साढ़े साती तथा काल सर्प योग के बारे में जो कुछ लिखा है उसका विस्तार कीजिये I

 

तुम्हारी जन्मकुंण्डली से कालसर्प योग की चर्चा करके कोई ज्योतिष तुम्हे भयभीत करता है तो तुम्हे स्वय को आत्मरक्षा के लिए तैयार करके उससे पूछना चाहिए की

  1. क्या इस ग्रन्थ का उल्लेख और उसके दोष किसी प्राचीन ज्योतिषीय ग्रन्थ में है ?
  2. उसे पूछो कि उन्हौने इस विषय पर कोई शोध किया है अथवा वे ज्योतिषीय सिद्धान्तो कि व्याख्या कि अज्ञानता अपनी मूर्खतापूर्ण बातो से कर रहे है ?
  3.  जो ज्योतिषी ज्योतिषजन्य मनोविज्ञान को मोड़ने  में लगे हो या कालसर्प योग के दोष बता रहे हो वे लालच जैसी बुरी भावना के पुजारी है और कालसर्प योग का मनमाना अर्थ लगाते समय वे अपने ग्राहक के भयमिश्रित क्रोध का सामना भी नहीं कर पाते I
  4. यह पुस्तक आपके मन से इस प्रकार का भय हटाने के लिए है I जन्मकुंडली में कालसर्प योग वाले ऐसे लोग है जो जीवन में बहुत ऊचे उठे जैसा कि इस पुस्तक में दिखाया गया है I
  5. जन्मकुंडली में कालसर्प योग वाले ऐसे लोग है जिन्होंने अपना जीवन सामान्य रूप से बिताया है - जैसे कि इस पुस्तक में दिखाया गया है I


Kaal Sarp Yog - Itna Bhay kyon (Hindi) by KN Rao | Vani Publications


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Specifications

Product Info
Author KN Rao
ISBN 9788189221361
Publisher Vani Publications
Language Hindi
Pages 112
Weight 140
Product SKU: KAB0177
₹65.00
₹80.00
Price in reward points: 100